gnm me kitne subject hote hai | GNM में कितने सब्जेक्ट होते हैं?

gnm me kitne subject hote hai | GNM में कितने सब्जेक्ट होते हैं? आज के इस लेख के माध्यम से हम जानने वाले हैं और साथ ही जीएनएम से संबंधित कई सारे लोगों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब भी आज हम जानेंगे।

जीएनएम के बारे में बात किया जाए तो यह एक प्रकार का नर्सिंग कोर्स होता है इसमें उम्मीदवारों को नर्स से संबंधित ट्रेनिंग दी जाती है और कई सारे मेडिकल उपचारों को बताया जाता है।

जीएनएम का फुल फॉर्म General nursing and midwifery होता है। इसके अंतर्गत महिलाओं को कई सारे मेडिकल स्किल्स के बारे में बताते हैं जिससे वह मरीजों की देखभाल कर सकें एवं समय-समय पर उसे उसके जरूरत के इंजेक्शन और दवाइयां दे सके।

gnm me kitne subject hote hai | GNM में कितने सब्जेक्ट होते हैं?
gnm me kitne subject hote hai | GNM में कितने सब्जेक्ट होते हैं?

बहुत सारे लोग मेडिकल में अपना करियर बनाना चाहते हैं और वह चाहते हैं कि मेडिकल के क्षेत्र में एक अच्छा सा नर्सिंग कोर्स करके किसी भी अस्पताल में नर्स का जॉब करें।

ऐसे में सबसे सस्ता और सबसे पॉपुलर कोर्स की बात आती है तो वह जीएनएम कोर्स होता है जिसे करने के बाद कोई भी उम्मीदवार आसानी से नर्स बन सकती है और किसी भी अस्पताल में कार्य कर सकते हैं।

ऐसे में उम्मीदवारों के मन में हमेशा एक सवाल आता है कि gnm me kitne subject hote hai | GNM में कितने सब्जेक्ट होते हैं? तो चलिए आज के इस लेख के माध्यम से जानते हैं।

आप इस लेख को पूरा अंत तक पढ़ी है ताकि आपको सभी प्रकार की जानकारी अच्छे से समझ में आ जाए कि gnm me kitne subject hote hai | GNM में कितने सब्जेक्ट होते हैं? और जीएनएम से संबंधित किसी भी प्रकार का दिक्कत आपके मन में ना हो।

gnm me kitne subject hote hai | GNM में कितने सब्जेक्ट होते हैं?

जीएनएम में कुल 16 से 17 सब्जेक्ट होते हैं, जिसमें फर्स्ट ईयर और सेकंड ईयर में 5-5 सब्जेक्ट होते हैं तथा थर्ड ईयर में लगभग 6 से 7 सब्जेक्ट होते हैं, जिसको प्रत्येक फर्स्ट ईयर, सेकंड ईयर एवं थर्ड ईयर में अलग-अलग बाँटा गया है। 

आपको बता दें कि जीएनएम 3 वर्ष का कोर्स होता है जिसमें फर्स्ट वर्ष 5 सब्जेक्ट को पढ़ना पड़ता है तथा सेकंड वर्ष भी 5 सब्जेक्ट को पढ़ना पड़ता है और थर्ड ईयर को दो भागों में बांटा गया है जिसमें भाग वन में 3 सब्जेक्ट तथा भाग टू  में लगभग 3-4 सब्जेक्ट पढ़ना पड़ता है। 

अब हम जानते हैं कि जीएनएम में कुल कौन-कौन से सब्जेक्ट होते हैं और किन-किन सब्जेक्ट को हमें किस किस ईयर में पढ़ना पड़ता है जो कि निम्नलिखित है। 

  • Nursing Education
  • Bio Science
  • Nursing Foundations
  • Nursing Administration & Ward Management
  • Computer Education
  • Medical-Surgical Nursing-I
  • Medical-Surgical Nursing -II
  • Behavioral Sciences
  • Community Health Nursing-I
  • Community Health Nursing-II
  • Mental Health Nursing
  • Child Health Nursing
  • Co-curricular
  • Community Health Nursing
  • Professional Trends & Adjustments
  • Midwifery & Gynaecological Nursing
  • Introduction to Research and statistics

ऊपर दिए गए सब्जेक्ट को जीएनएम कोर्स करते समय पढ़ना पड़ता है इसमें से प्रत्येक सब्जेक्ट का अलग-अलग ईयर में पढ़ाई की जाती है चलिए अब हम जानते हैं कि किस किस ईयर में कौन-कौन से सब्जेक्ट पढ़ने पड़ते हैं। 

जीएनएम फर्स्ट ईयर

जीएनएम फर्स्ट ईयर में लगभग 5 विषय को पढ़ना पड़ता है बहुत सारे कॉलेजों की अलग-अलग विषय सूची होती है जिसमें एक या दो विषय अलग हो सकते हैं बाकी विषय सब यही रहते हैं जो कि निम्नलिखित है। 

  • Nursing Foundations
  • Bio Science
  • Community Health Nursing
  • Behavioral Sciences
  • Computer Education

ऊपर दिए गए पांचों विषय को जीएनएम फर्स्ट ईयर में पढ़ना पड़ता है उसके बाद चलिए अब हम जानते हैं कि जीएनएम सेकंड ईयर में कौन-कौन से विषय को पढ़ना पड़ता है। 

जीएनएम सेकंड ईयर

जीएनएम 2ND ईयर की बात की जाए तो जीएनएम सेकंड ईयर में भी पांच विषय को पढ़ना पड़ता है वह पांच विषय निम्नलिखित है। 

  • Mental Health Nursing
  • Medical-Surgical Nursing-I
  • Medical-Surgical Nursing -II
  • Co-curricular
  • Child Health Nursing

उपर दिए गए पांच विषय को जीएनएम सेकंड ईयर में पढ़ना पड़ता है चलिए अब हम जानते हैं कि जीएनएम थर्ड ईयर में कौन-कौन से विषय पढ़ने पड़ते हैं। 

जीएनएम थर्ड ईयर

जीएनएम थर्ड ईयर की बात की जाए तो इसमें 2 भाग होते हैं दोनों भागों को मिलाकर 7 से 8 सब्जेक्ट पढ़े जाते हैं जिसमें से फर्स्ट भाग में 4 सब्जेक्ट तथा सेकंड भाग में लगभग 4 सब्जेक्ट पढ़े जाते हैं जो कि निम्नलिखित है।  

Third Year (Part 1)
  • Community Health Nursing-I
  • Community Health Nursing-II
  • Midwifery & Gynaecological Nursing
  • Co-curricular
Third Year (Part 2)
  • Introduction to Research and statistics
  • Nursing Education
  • Nursing Administration & Ward Management
  • Professional Trends & Adjustments

ऊपर हमने जाना कि g.n.m. में कौन-कौन से सब्जेक्ट पढ़े जाते हैं तथा हमने यह भी जाना कि g.n.m. में किस किस ईयर में किन-किन सब्जेक्ट को पढ़ना पड़ता है। 

अधिक जानकारी के लिए आप अपने नजदीकी जीएनएम कॉलेज से भी संपर्क कर सकते हैं यहां की जानकारी आपके कॉलेज की जानकारी से थोड़ी बहुत अलग भी हो सकती है इसलिए बेहतर है कि आप अपने कॉलेज में भी एक बार जानकारी हासिल कर ले। 

यह भी पढ़ें :-नर्सिंग कोर्स की जानकारी 

जीएनएम फर्स्ट ईयर में कौन कौन से सब्जेक्ट होते हैं?

gnm  फर्स्ट ईयर में कुल 5 सब्जेक्ट को पढ़ना पड़ता है वह 5 सब्जेक्ट Nursing Foundations, Bio Science, Community Health Nursing, Behavioral Sciences, Computer Education है। 

ऊपर दिए गए पांचों विषयों को जीएनएम फर्स्ट ईयर में पढ़ना पड़ता है और आपको बता दें कि जीएनएम फर्स्ट ईयर को पास करने के बाद ही आप सेकंड ईयर में प्रवेश कर सकते हैं। 

जीएनएम फर्स्ट ईयर की पढ़ाई अच्छे से कीजिए ताकि आप जीएनएम सेकंड ईयर में आसानी से प्रवेश कर जाए और यदि आप जीएनएम फर्स्ट ईयर में फेल हो जाते हैं तो आपको फिर से फर्स्ट ईयर की पढ़ाई करनी पड़ती है जिससे आपका जीएनएम कोर्स को फाइनल होने में 3 वर्ष से ज्यादा लग जाता है। 

यह भी पढ़ें :-जीएनएम कोर्स की फीस कितनी है?

जीएनएम नर्सिंग में कौन कौन से सब्जेक्ट होते हैं?

जीएनएम नर्सिंग में कुल 17 से 18 सब्जेक्ट होते हैं इसे पढ़ने के बाद आपकी जीएनएम कंप्लीट होती है जिसके लिए लगभग 3 वर्ष का समय लगता है जीएनएम नर्सिंग में पढ़े जाने वाले सब्जेक्ट निम्नलिखित है। 

  • Nursing Education
  • Bio Science
  • Nursing Foundations
  • Nursing Administration & Ward Management
  • Computer Education
  • Medical-Surgical Nursing-I
  • Medical-Surgical Nursing -II
  • Behavioral Sciences
  • Community Health Nursing-I
  • Community Health Nursing-II
  • Mental Health Nursing
  • Child Health Nursing
  • Co-curricular
  • Community Health Nursing
  • Professional Trends & Adjustments
  • Midwifery & Gynaecological Nursing
  • Introduction to Research and statistics

ऊपर दिए गए सभी विषयों को पढ़ने के बाद अपाचे एनएम कंप्लीट होता है और आपको बता दें कि जीएनएम कोर्स कंप्लीट होने के बाद 6 महीने का इंटरशिप  होता है जिसे करना अनिवार्य होता है।

यह भी पढ़ें :-Gnm की सैलरी कितनी होती है

जीएनएम की पढ़ाई कैसे होती है?

जीएनएम की पढ़ाई के बारे में बात किया जाए तो आपको बता दें कि जीएनएम की पढ़ाई में आपको मेडिकल से संबंधित 3 वर्ष का कोर्स कराए जाते हैं तथा 6 महीने का इंटरशिप भी होता है।

3 महीना के कोर्स में आपको मेडिकल से संबंधित कई सारी जानकारियां तथा थ्योरी बताते हैं और 6 महीने का इंटरशिप में उसका प्रैक्टिकल कराते हैं तथा कई सारे ट्रेनिंग भी दिए जाते हैं।

आपको बता दें कि एक जीएनएम नर्स के लिए ट्रेनिंग तथा प्रैक्टिकल का होना बहुत जरूरी है क्योंकि उसके बाद डायरेक्ट उसका जॉब किसी ना किसी अस्पताल में लग जाते हैं तो उससे पहले वह एक्सपीरियंस्ड रहे इस कारण से 6 महीने का इंटरशिप कराया जाता है।

जीएनएम कोर्स को करने के लिए आपकी आयु कम से कम 17 वर्ष से अधिक तथा 35 वर्ष से कम होनी चाहिए यदि आपकी आयु 17 वर्ष से 35 वर्ष के बीच में है तो आप इस कोर्स को करने के लिए एलिजिबल होते हैं।

इस कोर्स को करने के लिए 12वीं कक्षा में आपको बायोलॉजी की पढ़ाई करनी होती है तथा कम से कम 45% मार्क्स आपको लाना पड़ता है यह मार्क्स अलग-अलग कॉलेजों में अलग-अलग भी हो सकती है।

आप 12वीं कक्षा की पढ़ाई किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कर सकते हैं और 12वीं में बायोलॉजी विषय को रखकर पढ़ाई कर सकते हैं लेकिन आप ध्यान से पढ़ाई करें क्योंकि बहुत सारे कॉलेजों में 45% से नीचे रहने पर जीएनएम एडमिशन नहीं होता है।

यह भी पढ़ें :-आयुर्वेदिक डॉक्टर की सैलरी कितनी होती है

जीएनएम करने के बाद क्या करें?

जीएनएम करने के बाद आप बीएससी नर्सिंग कर सकते हैं तथा आप चाहें तो एमएससी भी कर सकते हैं आपको बता दें कि जीएनएम एक अंडर ग्रैजुएट कोर्स होता है यदि अभी एससी नर्सिंग करते हैं तो आप एक ग्रेजुएट कहलाने के लायक हो जाते हैं।

उसके बाद यदि आप एमएससी करते हैं तो एक प्रकार का पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स होता है जिसे करने के बाद आपको पीएचडी करना होता है तथा आप एक डॉक्टर भी बन सकते हैं।

बहुत सारे छात्र यह जानना चाहते हैं कि जीएनएम करने के बाद क्या हुआ डॉक्टर बन सकते हैं तो मैं उन लोगों को बता दूं कि जरूर वह डॉक्टर बन सकते हैं लेकिन उसके लिए जीएनएम के बाद बीएससी नर्सिंग तथा एमएससी और उसके बाद पीएचडी करना होता है।

इन सभी कार्यों को करने में लगभग 8 से 9 वर्ष का समय लग जाता है आपको बता दें कि समय तो 8 से 9 वर्ष लगता है लेकिन आप एक डॉक्टर जरूर बन सकते हैं या एक लंबा प्रोसेस होता है।

इसके अलावा यदि आप जीएनएम करने के बाद जॉब करना चाहते हैं तो किसी भी प्राइवेट या सरकारी अस्पताल में आप जॉब कर सकते हैं आपको बता दें कि उसमें सैलरी आपको शुरुआत में लगभग ₹15000 से ₹25000 तक होती है।

जैसे-जैसे आप का एक्सपीरियंस बढ़ता जाता है वैसे वैसे आपकी सैलरी भी बढ़ती जाती है और आपकी सैलरी लगभग एक्सपीरियंस बढ़ने के बाद ₹50000 तक भी हो सकती है।

जरुर पढ़ें :-प्राइवेट डॉक्टर कैसे बने

Gnm की सैलरी कितनी है?

जीएनएम की सैलरी की बात की जाए तो एक जीएनएम नर्स को शुरुआत में 15000 से ₹25000 तक सैलरी होती है और जैसे ही उनका एक्सपीरियंस बढ़ता है उनकी सैलरी भी बढ़ जाती है।

कोई भी उम्मीदवार जीएनएम कोर्स को करने के बाद किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में आसानी से जॉब पा सकते हैं और वह नर्स के रूप में कार्य कर सकते हैं।

आपको बता दें कि सरकारी अस्पताल की तुलना में प्राइवेट अस्पताल में सैलरी कम होती है लेकिन यह जानकर आपको खुशी होगी कि जैसे आप का एक्सपीरियंस बढ़ता है आपकी सैलरी भी प्राइवेट अस्पताल में बढ़ जाती है।

सरकारी अस्पताल में आपकी सैलरी लगभग ₹25000 प्रति मंथ के हिसाब से होती है जो कि आपके एक्सपीरियंस के अनुसार बढ़ते भी हैं और सैलरी लगभग ₹50000 तक हो सकती है।

वही जल्दी प्राइवेट अस्पताल की बात करें तो वहां आपकी सैलरी लगभग ₹15000 से शुरू होती है जोकि एक्सपीरियंस होने के बाद आपकी सैलरी बढ़कर लगभग 30000 से ₹40000 तक होती है।

जरुर पढ़ें :स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर कैसे बनें

Gnm का मतलब क्या होता है?

जीएनएम के बारे में बात किया जाए तो यह एक प्रकार का नर्सिंग कोर्स होता है जिसमें उम्मीदवारों को नर्सिंग से संबंधित ट्रेनिंग दी जाती है और उससे संबंधित कोर्स कराए जाते हैं।

जीएनएम का फुल फॉर्म General Nursing And Midwifery होता है जिसे हिंदी में सामान्य पोषण एवं दाई कहते हैं।

जीएनएम कोर्स में बहुत सारे मेडिकल इक्विपमेंट्स को बताया जाते हैं तथा दवाइयों के बारे में बताए जाते हैं जिससे एक उम्मीदवार आसानी से किसी भी मरीज की इलाज कर सकते हैं।

जीएनएम नर्स का काम होता है कि वह किसी भी मरीज की देखरेख करें एवं उन्हें समय-समय पर दवाइयां और इंजेक्शन दे तथा किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर उसका इलाज करें।

जीएनएम नर्सिंग कई तरह के होते हैं जिसमें उम्मीदवार अपने अनुसार से कोर्स को चुन सकते हैं और वह जिस फील्ड में जीएनएम नर्सिंग करना चाहते हैं उस फील्ड में कर सकते हैं।

जरुर पढ़ें :सर्जन डॉक्टर कैसे बने

CONCLUSION :-  gnm me kitne subject hote hai | GNM में कितने सब्जेक्ट होते हैं?

आज के इस लेख के माध्यम से हमने जाना कि GNM में कितने सब्जेक्ट होते हैं? (GNM me kitne subject hote hai) और साथ ही लोगों द्वारा पूछे गए कुछ सवालों के जवाब भी जाना।

हमको उम्मीद है कि आज का यह लेख “GNM में कितने सब्जेक्ट होते हैं? (gnm me kitne subject hote hai)” आपको काफी अच्छा लगा होगा।

GNM से संबंधित सभी प्रकार के सवालों का जवाब आज हम इस लेख के माध्यम से समझ गए हैं तथा लोगों द्वारा पूछे गए सभी सवालों का जवाब भी आज हम जाने।

इसके अलावा भी आपके मन में किसी प्रकार का सवाल है तो आप कमेंट कर सकते हैं आपके सवालों का जवाब जल्द से जल्द दिया जायेगा।

यह भी पढ़ें :-

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *