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sip में निवेश कैसे करें sbi | SIP Mein Nivesh kaise karen SBI

sip में निवेश कैसे करें sbi (SIP Mein Nivesh kaise karen SBI) आज के इस लेख के माध्यम से हम जानने वाले हैं और एसआईपी में निवेश करने से संबंधित कई सारे प्रश्नों के उत्तर भी आज हम इस लेख के माध्यम से जानेंगे।

SIP के बारे में बात किया जाए तो SIP का फूल फॉर्म Systematic Investment Plan होता है, जिसको हिन्दी में व्यवस्थित निवेश योजना कहा जाता है। 

SIP म्यूच्यूअल फंड्स द्वारा प्रस्तावित एक ऐसा निवेश का जरिया होता है, जिसके माध्यम से कोई व्यक्ति एक निर्धारित रकम, नियमित अंतराल में म्यूच्यूअल फंड्स के किसी स्कीम में निवेश कर सकता है।

sip में निवेश कैसे करें sbi | SIP Mein Nivesh kaise karen SBI
sip में निवेश कैसे करें sbi | SIP Mein Nivesh kaise karen SBI

यह निवेश किसी भी रकम का हो सकता है, जो रेकरिंग डिपाजिट (आवर्ती जमा) से मिलती-जुलती है, बता दें कि यह बहुत ही आसान होता है क्योंकि इसमें अपने बैंक को ये स्थाई अनुदेश दे सकते हैं कि आपके खाते से ये रकम हर माह डेबिट (निकासी) होता रहे। 

ऐसे में बहुत सारे लोग एसआईपी में निवेश करना चाहते हैं और अपना करियर बनाना चाहते हैं लेकिन बहुत सारे लोगों को यह पता नहीं है कि sip में निवेश कैसे करें sbi (SIP Mein Nivesh kaise karen SBI)  तो चलिए आज के इस लेख के माध्यम से हम जानते हैं।

आप इस लेख को पूरा अंदर तक पढ़िए ताकि आपको sip में निवेश कैसे करें sbi (SIP Mein Nivesh kaise karen SBI)  से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी मिल जाए। 

sip में निवेश कैसे करें sbi | SIP Mein Nivesh kaise karen SBI

सबसे पहले आप मैचुअल फंड के वेबसाइट को ओपन कर लें वहाँ आपसे जो भी जानकारी पूछा जाएगा उसे सही-सही भर दें एवं सभी डाक्यूमेंट्स को अपलोड कर दें। उसके बाद वीडियो कॉल के द्वारा आपका वेरीफिकेशन होगा उसके बाद अपना पसंदीदा मैचुअल फंड स्कीम चुन सकते हैं और निवेश कर सकते हैं। 

एसआईपी में निवेश करने के लिए शुरूआत में आपको सबसे पहले केवाईसी की औपचारिकता को पूरा करना होता है, जिसमे आपको सभी दस्तावेजों जैसे कि आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, एड्रेस प्रूफ, पासपोर्ट साइज फोटो, चेक बुक इत्यादि को तैयार करना होता है ताकि आपको आगे फॉर्म भरने में दिक्कत न हो। 

चलिए अब हम बारीकी से जानते हैं कि एसआईपी में निवेश कैसे करें नीचे कुछ पॉइंट को हम दे रहे हैं प्रत्येक पॉइंट को आप सही से फॉलो करें और एसआईपी में आसानी से निवेश करें जो कि निम्नलिखित है। 

  • sip में निवेश करने के लिए सबसे पहले आपको कुछ दस्तावेज को तैयार करना होता है जैसे कि आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, एड्रेस प्रूफ, पासपोर्ट साइज फोटो, चेक बुक इत्यादि।
  • आप इन दस्तावेजों को पहले से तैयार करके रखें ताकि आपको एसआईपी में निवेश करने में दिक्कत ना हो। 
  • उसके बाद आप जिस मैचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं उसका वेबसाइट को ओपन कर ले।
  • वहां आपसे बेसिक जानकारी पूछा जाएगा जैसे कि नाम जन्मतिथि एड्रेस इत्यादि।
  • आप सभी जानकारी को सही सही भरें जानकारी को सही सही भरने के बाद आपसे दस्तावेज अपलोड करने के लिए भी कहा जाएगा।
  • उसके बाद आप सभी दस्तावेज को स्कैन करके अपलोड कर दें अथवा क्लियर फोटो खींच कर भी आप अपलोड कर सकते हैं।
  • उसके बाद आप का वेरिफिकेशन होता है जिसके लिए आपको वीडियो कॉल के लिए अपॉइंटमेंट लेना होता है।
  • वेरिफिकेशन के दौरान आपसे आधार कार्ड पैन कार्ड भी दिखाने को कहा जा सकता है इसलिए आप दस्तावेजों को अपने साथ ही रखें।
  • वेरीफिकेशन प्रोसेस पूरा होने के बाद आप अपना मैचुअल फंड का चुनाव कर सकते हैं।
  • आप जिस मैचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं वह मैचुअल फंड की स्कीम को चुना लें।
  • उसके बाद नया अकाउंट रजिस्टर करने के लिए आपको एक एप्लीकेशन फॉर्म भरना होता है।
  • उस एप्लीकेशन फॉर्म में आपको आईडी और पासवर्ड डालना होता है।
  • रजिस्‍ट्रेशन पूरा होने और फंड हाउस की ओर से कंफर्मेशन मिलने के बाद आप निवेश करना शुरू कर सकते हैं। 

ऊपर दिए गए सभी पॉइंट को स्टेप बाय स्टेप फॉलो करने के बाद आपको बारीकी से समझ में आ जाएगा कि sip में निवेश कैसे करें sbi (SIP Mein Nivesh kaise karen SBI) तो आप सभी पॉइंट को अच्छे से समझ के पढ़ें।

यदि आप एसआईपी में निवेश करने की सोच रहे हैं तो आपको बता दें कि सबसे पहले आप एसआईपी का चुनाव करें कि आप किस कार्य के लिए एसआईपी में निवेश कर रहे हैं।

आपके लिए कौनसी एसआईपी सबसे अच्छी है इसके लिए सबसे जरूरी है कि आपका लक्ष्य क्या है अर्थात आप एसआईपी छुट्टी, सेवानिवृत्त या घर के डाउन पेमेंट किस कारण से शुरू करना चाहते हैं।

आपका जो भी कारण है उस कारण से अपना लक्ष्य को निर्धारित करने के बाद एसआईपी में निवेश करना चाहिए ताकि आपको निवेश के अनुसार बेहतर रिटर्न प्राप्त हो सके।

एसआईपी म्यूचुअल फंड कई तरह के होते हैं यह आपको निर्णय लेना होगा कि आप किस तरह के मैचुअल फंड में अपना निवेश करना चाहते हैं।

जैसे कि यदि आप शॉर्ट टर्म के लिए एसआईपी में निवेश करना चाहते हैं तो आपको लिक्विड फंड में या डेट फंड में निवेश करना चाहिए।

वहीं यदि आप लॉन्ग टर्म में इन्वेस्ट करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको इक्विटी म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करना चाहिए क्योंकि लॉन्ग टर्म के लिए इक्विटी म्युचुअल फंड बेहतर माना जाता है।

यदि मैचुअल फंड आप को समझने में ज्यादा दिक्कत हो रही है तो आप जिस मैचुअल फंड में इन्वेस्ट करना चाहते हैं उसके एक्सपर्ट से बात कर सकते हैं।

सभी फंड के एक्सपर्ट होते हैं एक्सपर्ट आपको सही सलाह देंगे कि आपके लिए कौन सा मैचुअल फंड सबसे अच्छा है और किस में सबसे ज्यादा रिटर्न आपको मिलेगा।

सबसे बेस्ट SIP कौन सी है?

एसआईपी बहुत प्रकार की होती है इसमें सबसे बेस्ट एसआईपी की बात की जाए तो आईसीआईसीआई, टाटा, एसबीआई इत्यादि का एसआईपी सबसे बेस्ट मानी जाती है।

चलिए अब हम जानते हैं कि सबसे बेस्ट एसआईपी कौन-कौन सी है जो कि निम्नलिखित है।

  • TATA Digital India Fund
  • ICICI Prudential Technology Fund
  • SBI Technology Opportunities Fund
  • Nippon India Small Cap Fund
  • Principal Emerging Bluechip Fund
  • Aditya Birla Sun Life Digital India Fund
  • Sundaram Select Focus Fund
  • Parag Parikh Long Term Equity Fund
  • PGIM India Midcap Opportunities Fund
  • IIFL Focused Equity Fund

टाटा डिजिटल इंडिया फंड एसआईपी सबसे बेस्ट मानी जाती है क्योंकि टाटा ट्रस्ट का दूसरा नाम होता है अर्थात भारत में सबसे ज्यादा ट्रस्ट जल्दी किसी कंपनी के ऊपर है तो वह टाटा का नाम लिया जाता है।

इसलिए भारतीय मैचुअल फंड में टाटा सबसे पहले नंबर पर आते हैं और सबसे बेस्ट एसआईपी के बारे में बात किया जाए तो टाटा डिजिटल इंडिया फंड का ही सबसे बेस्ट एसआईपी माना जाता है।

इसके बाद आईसीआईसीआई फ्री डेंटल टेक्नोलॉजी फंड दूसरे स्थान पर आते हैं यह भी अच्छे खासे मैचुअल फंड में इन्वेस्ट करने के लिए कंपनी मानी जाती है।

इसके बाद सबसे ज्यादा ट्रस्ट की बात की जाए तो एसबीआई टेक्नोलॉजी अपॉर्चुनिटी फंड की होती है अर्थात एसबीआई की भी बहुत ज्यादा ट्रस्ट भारत में बना हुआ है।

आप चाहे तो एसबीआई में भी निवेश करके अपना करियर बना सकते हैं या ऑनलाइन जर्नी स्टार्ट कर सकते हैं।

इसके अलावा भी कई सारे एसआईपी हैं जो बेस्ट माने जाते हैं भारत के लिए जैसे कि निप्पोन इंडिया स्मॉल कैप फंड भी एक अच्छे एसआईपी माने जाते हैं।

इसके बाद प्रिंसिपल इमर्जिंग ब्लू चिप फंड भी एक बेस्ट एसआईपी के रूप में माना जाता है क्योंकि इसमें भी बहुत सारे लोग निवेश कर चुके हैं जिसका पॉजिटिव रेटिंग भी मिला है।

इसके बाद दूसरे साहित्य की बात की जाए तो आदित्य बिरला सन लाइफ डिजिटल इंडिया फंड भी एक अच्छी खासी एसआईपी में गिनती आती है इसमें भी आप निवेश कर सकते हैं।

इसके बाद एक और अच्छी एसआईपी है जो सुंदरम सिलेक्ट फोकस्ड फंड है ऐसा ही भी भारत में एक अच्छी खासी एसआईपी मानी जाती है जिसमें आप निवेश कर सकते हैं।

इसके अलावा भी कई सारे एसआईपी जैसे Parag Parikh Long Term Equity Fund, PGIM India Midcap Opportunities Fund, IIFL Focused Equity Fund इत्यादि एसआईपी बेस्ट मानी जाती है।

आज के इस लेख के माध्यम से हमने जाना कि sip में निवेश कैसे करें sbi (SIP Mein Nivesh kaise karen SBI)  यदि आप पूरी जानकारी चाहते हैं तो आप इसलिए को को पूरा अंत तक पढ़े ताकि आपको सभी प्रकार की जानकारी अच्छे से समझ में आ जाए, चलिए आगे जानते हैं कि एसआईपी खाता कैसे खोलें।

SIP खाता कैसे खोले in Hindi?

एसआईपी खाता खोलने के लिए सबसे पहले आपको केवाईसी की औपचारिकता को पूरा करना होता है जिसमें आपको आवश्यक दस्तावेजों को तैयार रखना होता है ताकि आपको आगे फॉर्म भरने में दिक्कत ना हो।

चलिए अब आगे स्टेप बाय स्टेप जानते हैं कि एसआईपी खाता को कैसे खोला जाता है जो कि निम्नलिखित है।

  • सबसे पहले आप आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड पैन कार्ड बैंक पासबुक पासपोर्ट साइज फोटो चेक बुक इत्यादि को स्कैन करके रख लें।
  • उसके बाद आप जिस मैचुअल फंड में निवेश करना चाहते हैं उस वेबसाइट में जाएं।
  • वेबसाइट में जाने के बाद आपसे बेसिक जानकारी पूछा जाएगा जैसे कि नाम एड्रेस जन्मतिथि इत्यादि आप सभी जानकारी को सही-सही भर दें।
  • फॉर्म भरने के बाद आपको कुछ दस्तावेज को अपलोड करने का भी ऑप्शन आएगा वहां पर आप स्कैन किए गए दस्तावेज को अपलोड कर दें।
  • दस्तावेज अपलोड करने के बाद आप का वेरिफिकेशन होता है वेरिफिकेशन के लिए आपको वीडियो कॉल के लिए अपॉइंटमेंट लेना होता है।
  • वेरीफिकेशन प्रोसेस पूरा होने के बाद आप मैचुअल फंड का चुनाव कर सकते हैं जिस मैचुअल फंड में आप निवेश करना चाहते हैं।
  • उसके बाद आपको एप्लीकेशन फॉर्म भरना होता है एप्लीकेशन फॉर्म में रजिस्टर करने के लिए उसमें आईडी और पासवर्ड का चुनाव करना होता है।
  • आईडी पासवर्ड के साथ-साथ आपको बैंक डिटेल तथा कुछ पर्सनल इंफॉर्मेशन भी डालना होता है।
  • रजिस्ट्रेशन पूरा होने और फंड हाउस की ओर से कंफर्मेशन मिलने के बाद आप निवेश करना शुरू कर सकते हैं।

ऊपर दिए गए सभी पॉइंट को स्टेप बाय स्टेप फॉलो करने के बाद आप एसआईपी में आसानी से निवेश कर पाएंगे।

यदि आप चाहते हैं कि एसआईपी में निवेश करें तो आप ऊपर दिए गए सभी पॉइंट को बारीकी से अच्छे से पढ़ें ताकि आपको सभी प्रकार की जानकारी समझ में आ जाए और आपको आसानी से निवेश कर सकें।

जरुर पढ़ें :-इंफोसिस क्या है?

SIP कितने प्रकार के होते हैं?

एसआईपी के बारे में बात किया जाए तो एसआईपी विभिन्न प्रकार के होते हैं लेकिन उसमें से कुछ एसआईपी बहुत ज्यादा पॉपुलर एसआईपी माना जाता है।

मैचुअल फंड में निवेश करने का सबसे अच्छा जरिया एसआईपी होता है जिसके जरिए आप एक मुस्त पैसा ना लगाकर किस्तों में पैसा इन्वेस्ट कर सकते हैं।

आज के इस लेख के माध्यम से हमने जाना कि sip में निवेश कैसे करें sbi (SIP Mein Nivesh kaise karen SBI)  यदि आप पूरी जानकारी चाहते हैं तो आप इसलिए को को पूरा अंत तक पढ़े ताकि आपको सभी प्रकार की जानकारी अच्छे से समझ में आ जाए। 

चलिए अब हम जानते हैं कि एसआईपी के कुछ प्रमुख और पॉपुलर प्रकार कौन-कौन से हैं जो कि निम्नलिखित है।

  • Regular SIP
  • Flexible SIP
  • Trigger SIP
  • Step-up SIP
  • Perpetual SIP
  • Multi SIP

Regular SIP

रेगुलर एसआईपी के बारे में बात किया जाए तो यह निवेशक किस्तों के लिए एक राशि को तय करते हैं और उसे चुकाते रहते हैं। 

आपको बता दें कि वह बैंक को अस्थाई निर्देश देते हैं  या फिर बैंक से एसआईपी खाते में राशि औटो पे को एक्टिवेट कर देते हैं  ऑटो पे  एक्टिवेट करने पर आपके बैंक से ऑटोमेटेकली राशि  नियमित रूप से कटते रहते हैं। 

ऑटो पे एक्टिवेट करने के बाद आपको इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देना होता है अर्थात यह ऑटोमेटेकली आपका काम करते रहता है। 

बाजार में उछाल और गोता लगाने के दौरान समान राशि का निवेश इसमें किया जाता है यह खरीदी गई ऐसा की गायों की लागत का औसत भी निकालता है। 

Flexible SIP

फ्लेक्सिबल एसआईपी एक ऐसा ऐसा भी होता है जिसमें आप अपने आवश्यकतानुसार एसआईपी राशि को बदल सकते हैं अर्थात इसमें आपको राशि बदलने की सुविधा प्रदान की जाती है।

आप बाजार की स्थितियों को देखकर या फिर बाजार की स्थितियों को जांच करके अपनी एसआईपी राशि में बदलाव कर सकते हैं यह सुविधा फ्लैक्सिबल एसआईपी में दिया हुआ रहता है।

जब आपको लगे कि बाजार की स्थिति ठीक है तो आप अपनी एसआईपी राशि को बढ़ा सकते हैं और जब आपको लगे कि बाजार की स्थिति ठीक नहीं है तो आप अपनी एसआईपी राशि को कम कर सकते हैं।

जब आप किसी संकट से गुजर रहे होते हैं तो आप अपनी राशि को कम कर सकते हैं और जब आप ठीक हो जाते हैं तो आप अपनी राशि को बढ़ा सकते हैं आपको सिर्फ इतना ध्यान रखना है कि किसी भी बदलाव के लिए कटौती की तारीख से कम से कम 1 सप्ताह पहले फंड हाउस को सूचित कर दें।

अर्थात एसआईपी राशि में किसी भी बदलाव के लिए आपको कटौती की तारीख से कम से कम 1 सप्ताह पहले फंड हाउस को इनफॉर्म करना होता है उसके बाद ही आप इस प्रक्रिया को पूरा कर पाएंगे।

Trigger SIP

ट्रिगर एसआईपी उन निवेशकों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है जो बाजार के उतार-चढ़ाव को अच्छे से जानते हैं अर्थात बाजार के उतार-चढ़ाव की जानकारी उन्हें अच्छी तरह से होती है।

इससे ईपी में यह जानना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है कि खरीद और बिक्री कब करना है और इसी पर यह एसआईपी पूरा टिका हुआ रहता है।

आपको बता दें कि यह मुख्य रूप से अटकलों पर आधारित है इसलिए निवेशकों को बाजारों का अच्छा ज्ञान और अनुभव होना बहुत ही महत्वपूर्ण और जरूरी माना जाता है।

एसआईपी की इकाइयों को कब खरीदना और कब बेचना है यह आप अच्छी तरह से जानते हैं या बाजार की गतिशीलता को अच्छे से समझते हैं तो आप ट्रिगर एसआईपी में निवेश कर सकते हैं।

इस प्रकार के एसआईपी में निवेशक अपनी एसआईपी शुरुआती तिथि निर्धारित कर सकते हैं और बाजार का मूल्य घटने पर एसआईपी रेडीम या स्विच कर सकते हैं।

यह एसआरपी उन लोगों के लिए उचित माना जाता है जो निवेशक बाजार की गतिविधियों की भविष्यवाणी कर सकते हैं अर्थात चयनित घटनाओं के लिए ट्रिगर सेट करने की विशेषज्ञता जो निवेशक रखते हैं।

कब बाजार मूल्य गिर जाता है या कब बाजार मूल्य का दाम बढ़ जाता है यह जानकारी जिससे निवेशक को है या या इसका अनुभव जिस निवेशक को है वह इस एसआईपी में इन्वेस्ट कर सकते हैं।

लेकिन यदि बाजार की गतिविधियों के बारे में आपको अनुभव नहीं है तो आप ट्रिगर एसआईपी में निवेश करने की मत सोचे क्योंकि यह बहुत ही जोखिम भरा होता है।

Step-up SIP

स्टेप अप एसआईपी एक ऐसा ऐसा भी होता है जो निवेशकों को नियमित अंतराल पर एसआईपी राशि बढ़ाने में सक्षम बनाती है।

आप किसी भी निश्चित राशि से एसआईपी शुरू कर सकते हैं और आप नियमित समय समय पर उस राशि को टॉप अप के जरिए बढ़ा सकते हैं आपको बता दें कि स्टेप अप एसआईपी में टॉप अप का विकल्प दिया हुआ रहता है जिसका चुनाव आप कर सकते हैं।

माना जाए कि आपने एसआईपी ₹50000 के साथ शुरू किया लेकिन बाद में आप चाहे तो फंड हाउस से ₹10000 1 साल तक बढ़ाने के लिए कह सकते हैं।

निवेश के रकम को कब और कितना बढ़ाना होता है यह निवेशक को पहले से पता होना चाहिए अर्थात यह निवेशक को पहले से ही पता रहता है कि वह निवेश के रकम को कब और कितना बढ़ाएं।

यह उन निवेशकों के लिए अच्छा होता है जिनका वार्षिक आधार पर इंक्रीमेंट होता है अर्थात जिसकी राशि दिन प्रतिदिन बढ़ते रहती है।

Perpetual SIP

परपेचुअल एसआईपी मैं निवेशकों को उस कार्यकाल की घोषणा करने की आवश्यकता होती है जिसमें वह निर्देशित रहना चाहते हैं अर्थात निवेशक जिसमें निवेशक रहना चाहते हैं वह कितने कार्यकाल के लिए रहना चाहते हैं यह घोषणा करना होता है।

जैसे कि 3 साल के लिए या 5 साल के लिए या उससे अधिक के लिए यह पहले ही घोषणा करना होता है कि वह निवेशक कितने दिनों के लिए निवेशक रहना चाहते हैं।

आपको बता दें कि इसमें आपको निवेश करने की शुरुआत की तारीख का उल्लेख करना अनिवार्य माना जाता है लेकिन इसके लिए अंतिम तिथि या कार्यकाल का उल्लेख करना जरूरी नहीं माना जाता है।

यदि निवेशक मेच्योरिटी डेट के अंदर एसआईपी में योगदान को सीमित नहीं करना चाहता है और लंबी अवधि के लिए जारी रखना चाहता है तो वह इस एसआईपी को चुन सकता है।

इसमें निवेशकों को ऐसा विकल्प मिलता है जिसके अंतर्गत वह सीमित अवधि को आगे बढ़ा सकता है अर्थात अवधि को और आगे तक जारी रख सकता है।

यदि निवेशक एसआईपी की अंतिम तिथि का उल्लेख नहीं करते हैं तो यह एसआईपी तब तक जारी रहता है जब तक निवेशक खुद फंड हाउस या एएमसी से एसआईपी को रोकने का अनुरोध नहीं करते हैं।

Multi SIP

मल्टी एसआईपी यह उन निवेशकों के लिए अच्छा माना जाता है जो एक फंड हाउस के कई फंडों में निवेश करने की चाह रखते हैं।

चलिए इसको एक उदाहरण के जरिए समझते हैं मान लीजिए आपका आप एसआईपी में मासिक ₹20000 निवेश करते हैं तो यह ₹5000 की 4 इकाइयों को खरीद के आपके निवेश को विभाजित कर सकता है।

मल्टी एसआईपी उन्हें निवेशकों के लिए अच्छा माना जाता है जो एक ही एसआईपी में कई प्रकार के इकाइयों को खरीद के निवेश करना चाहते हैं।

यदि आप भी ऐसे एसआईपी में अपना इन्वेस्ट करना चाहते हैं और इसकी अच्छी खासी जानकारी आपको है तो आप मल्टी एसआईपी का विकल्प चुन सकते हैं इसमें काफी सारी सुविधाएं अभी आपको मिलती है।

जरुर पढ़ें :-इंफोसिस क्या है?

SIP कितने साल का होता है?

यह आप पर निर्भर करता है कि आप कितने वर्ष का एसआईपी करना चाहते हैं आप चाहे तो 10 वर्ष का भी एसआईपी कर सकते हैं या उससे कम या फिर उससे भी अधिक अवधि आप ले सकते हैं।

बहुत सारे लोग 10 साल की एसआईपी करती है जिसमें एक करोड़ की फंडिंग होती है अर्थात अंत में उसे रिटर्न 1 करोड़ों रुपया मिलता है।

आप चाहे तो ऐसे भी कर सकते हैं या इससे कम समय के लिए भी आप एसआईपी फंडिंग कर सकते हैं।

एसआईपी की अवधि आप पर निर्भर करती है यदि आप एसआईपी को 5 साल करना चाहते हैं तो 5 साल के लिए ही कर सकते हैं इसमें अवधि के अनुसार आपके रिटर्न भी मिलते हैं।

यदि आप ज्यादा दिन के लिए एसआईपी करते हैं तो आपको ज्यादा रिटर्न मिलता है और यदि कम दिन के लिए आप एसआईपी करते हैं तो आपको कम रिटर्न मिलता है लेकिन दोनों ही विधि में आपको रिटर्न अच्छे खासे मिलते हैं।

इसलिए यदि आप एसआईपी करना चाहते हैं तो आप अपने अवधि को अनुमानित तौर पर लेकर चलें कि आपको कितने दिनों के बाद रिटर्न की जरूरत पड़ने वाली है और उस अनुसार से आप अपना एसआईपी का अवधी चयन करें।

यदि आपको 5 साल बाद रिटर्न की जरूरत है तो आप एसआईपी की अवधि 5 वर्ष रखें लेकिन यदि आपको 5 वर्षों से भी ज्यादा के बाद पैसों की जरूरत है तो आप इसकी अवधि 8 साल या 10 साल की रख सकते हैं।

CONCLUSION:-SIP कितने प्रकार के होते हैं?

आज के इस लेख के माध्यम से हमने जाना कि sip में निवेश कैसे करें sbi (SIP Mein Nivesh kaise karen SBI) और साथ ही एसआईपी से संबंधित कई सारे सवालों का जवाब भी आज हम इस लेख के माध्यम से जाने हैं।

आज का यह लेख “sip में निवेश कैसे करें sbi (SIP Mein Nivesh kaise karen SBI)” आपको कैसे लगा कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

इसके अलावा भी यदि आपको आज के इस लेख “sip में निवेश कैसे करें sbi (SIP Mein Nivesh kaise karen SBI)” में किसी भी प्रकार की जानकारी को समझ में नहीं आया हो तो आप हमसे पूछ सकते हैं।

यदि आज का यह लेख आपको अच्छा लगा हो तो आप अपने दोस्तों के साथ में शेयर करें और उन्हें भी जानकारी दें।

धन्यवाद।

जरुर पढ़ें :-इंफोसिस क्या है?

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